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दर्द भरी शायरी
58 beautiful sad shayari — sorted by popularity

💔 दर्द
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💘 Dik Ek Khilona 💘
🥀 उसने बचपन में खिलौनों से नहीं खेली थी… 🧸 💔 शायद इसलिए मेरे दिल को ही खिलौना बना गई। 💘

💔 दर्द
41,100
Akhiri Mohabbat
तुम मेरी पहली मोहब्बत हो या नहीं, ये मुझे मालूम नहीं, पर आखिरी तुम ही रहोगी, ये मुझे मालूम है।

💔 दर्द
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Teri Yaad
काश तू भी तेरी याद की तरह होती, जिसे जितना न चाहूं उतना आती जाती है।

💔 दर्द
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Dil ka Face Scan
कास दिल में भी कोई फेस स्कैनिंग होता, बिना इजाज़त के कोई किसी के दिल में नहीं आता। कोई अपनी खुशी मान बैठा है उसे, जिसके खुशी में कभी उसका नाम नहीं होता।

💔 दर्द
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Adhoori Mulakaat
मुक़द्दर का खेल देखो, हमें मिलवा तो दिया पर मिला न सका, तुम भूल गए मुझको, और मैं तुमको भुला न सका।

💔 दर्द
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Mohabbat ke Zakhm
तेरे दिए हुए तोहफे को संभाल कर रखा है, दिल में जो ज़ख्म दिए थे तुम, उन्हें निशानी बना कर रखा है। मालूम था तुम कभी मिलोगी नहीं, इसलिए तेरे ज़ख्मों को ही दुल्हन बना कर रखा है।

💔 दर्द
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Dil Kyon Le Gayi
तुमने तोहफ़ा तो लौटा दिया, लेकिन अपनी यादें छोड़ गईं। तुममें खुद्दारी बहुत थी, तो फिर मेरा दिल क्यों ले गईं?

💔 दर्द
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Aakhri Intezaar
Izhaar nahi kiya, phir bhi tera intezaar karunga, Maloom hai milna mumkin nahi, phir bhi tera intezaar karunga. Chhod dunga us din tera intezaar, jis din laal jode mein tum sajogi, Usi din safed jode mein main bhi sajunga.

💔 दर्द
9,100
Khamoshi Mein Kahin Gum Ho Gaya
खामोशी में मैं, कहीं गुम हो गया, अब ख्वाबों में भी उनका आना बंद हो गया। बड़ी आदर्शवादी थी वो शायद, लगता है घरवालों ने ख्वाबों में भी आने से मना कर दिया।

💔 दर्द
9,000
Bewafai Ka Aaina
Us darpan par kya beetti hogi, Jab soorat tum usmein dekhti hogi, Dekh kar teri bewafai ko, उसका दिल टूटता होगा, फिर भी हर टुकड़े में, सिर्फ तुम ही और तुम ही नजर आती होगी।

💔 दर्द
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adhuri-mohabbat-part-1
मुस्कुरा कर जब वो देखती थी, शर्मा कर वो घबराती थी, कितनी मासूम थी वो, जो मेरे दिल में रहा करती थी। देखे थे और भी कई खूबसूरत चेहरे मैंने, पर साँवली सूरत पर ही, दिल फिसल गए थे मेरे, एक अजनबी मेरे दिल की मेहमान बन गई, और हम उनके मेज़बान बन गए। पलकें झुका के वो जो सवाल करती, मुस्कुराकर जो मुझसे वो बात करती, आँखें मिलते ही वो शर्मा जाती, अपनी मोहब्बत को इस तरह वो छुपा लेती। कुछ इस तरह उनसे मुलाक़ात होती, दिन भर ख़यालों में ही उनसे बात होती, दिल बेचैन हो उठा उस दिन, जिस दिन कहकर वो पास न होती। कितने ख़याल मैं मन में लेकर आता था, पर उनसे कह कुछ न पाता था, वो मंद-मंद मुस्कुराती थी, इस तरह अपना प्यार का जाल बिछाती थी। पता नहीं था, है ये एकतरफ़ा मोहब्बत, या आग उधर भी लगी थी, इस मोहब्बत की दाह में दिल किस-किस की जली थी, हम इंतज़ार करते रहे एक-दूसरे के इज़हार का, इस तरह गला घोंट लिया हमने अपने प्यार का। बिछड़ गया हूँ उनसे, फिर भी दिल में कहीं इंतज़ार है, किसी दिन मिलेगी वो, उनके लिए दिल बेकरार है। खेल तो मेरे से सबने खेला, कभी मुक़द्दर, तो कभी महबूब, देखना है मुक़द्दर का अब खेल, मौत पहले गले लगाती है, या महबूब। यह एक Poetry Series है, इसके बाकी पार्ट भी पढ़ें:

💔 दर्द
5,200
zindagi-ki-falsafa-tamana-shayari
ज़िंदगी की खोज में ज़िंदगी से ही भटक गए हैं हम, न जाने किस चीज़ की तमन्ना थी, कि अब सारी तमन्ना ही ख़त्म हो गई।🌫️🚶♂️😔