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सभी कविताएँ
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27+ Kavita
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§ All Kavita

💔 दर्द
5,000
adhuri-mohabbat-part-1
मुस्कुरा कर जब वो देखती थी, शर्मा कर वो घबराती थी, कितनी मासूम थी वो, जो मेरे दिल में रहा करती थी।पूरी कविता पढ़ें

💔 दर्द
3,000
ek-tarfa-mohabbat-heart-touching-sad-poem-hindi
adhuri-mohabbat-part-3 जो कभी मेरा थी ही नहीं, उसके लिए आँख नम हो गई,पूरी कविता पढ़ें

💔 दर्द
2,100
dil-ke-kiraydaar-hindi-kavita
adhuri-mohabbat-part-2 कितनी मासूम थी वो, मुस्कान से क़त्ल कर दी थी,पूरी कविता पढ़ें

💔 दर्द
1,800
maut-meri-mehbooba
मेरे ख्वाबों की परी थी, या फिर कहूं कोई स्वर्ग की अप्सरा, हाथों में फूल लिए, मुझे इज़हार कर रही थी।पूरी कविता पढ़ें

✨ प्रेरणा
1,500
satta-ki-lobh-par-kavita-janta-ki-awaaz-bhrashtachar-virodhi-kavita
सत्ता की लोभ में इतना डूब चुके हो, इंसान होकर इंसानियत से उप चुके हो। जिस दिन जाग उठेगी जनता, उस दिन सत्ता से उखड़ फेंक देगी जनता।पूरी कविता पढ़ें

✨ प्रेरणा
1,200
zindagi-ek-jung-kavita
सही समय कभी आता नहीं, और ग़लत समय कोई होता नहीं। समय के साथ जो चल दिया, वो कभी हारता नहीं।पूरी कविता पढ़ें

💔 दर्द
1,100
ankahi-mohabbat-usi-ke-naam-se-mashhoor-ho-gaya
मेहबूब मैं तुमसे महरूम हो गया, ख्वाहिश थी तुम्हें खुश देखने की, इसीलिए तुमसे दूर हो गया।पूरी कविता पढ़ें

✨ प्रेरणा
900
best-revenge-kavita-hindi
धोखा, छल देकर जो, तूने मुझसे जीत लिया, लोभ, लालच के खातिर, तूने ज़मीर अपना बेच दिया।पूरी कविता पढ़ें

💔 दर्द
800
mother-waiting-emotional-hindi-poem
दुनिया की सारी खुशियों को छोड़कर, मेरी गोद में आकर, खुश हो जाया करते थे।पूरी कविता पढ़ें

💔 दर्द
800
koi-bichhadkar-nikhar-gaya-sad-shayari
ख़्वाहिश से पहले आपको हर ख़ुशी मिले, हमको ख़ुशियों की ख़ुदकुशी मिली। ये अपना-अपना मुक़द्दर था,पूरी कविता पढ़ें

💔 दर्द
800
arzi-de-raha-hoon-dil-ki-rihaai-ka-kavita-hindi
अर्ज़ी दे रहा हूँ, मैं अपने दिल की रिहाई का, सुनवाई कर दो, अपने वफ़ादार मुलाज़िम का, कीमत तो बताओ तो तुम रिहाई का।पूरी कविता पढ़ें

💔 दर्द
700
yaadon-ka-ghar-kavita
घर तो यादों का घर था, जब यादें ही मिट गई, तो अब वो घर कहाँ? महज़ मिट्टी की एक दीवार रह गया।पूरी कविता पढ़ें

✨ प्रेरणा
700
dahej-pratha-nari-shakti-kavita
जब घर में किसी लड़की का जन्म होता, पिता उसे लक्ष्मी कहकर लक्ष्मी बाटते, माँ को उसी पल कुछ ख्याल आता, लक्ष्मी के लिए लक्ष्मी बचाने का याद आता।पूरी कविता पढ़ें

💔 दर्द
600
savera-na-hone-wali-neend-mother-poetry
एहसास सिर्फ़ एहसास तक ही रह जाते हैं, लबों पर आकर शब्द नहीं बनते। हम छिपा लेते हैं अपनी हर ख़्वाहिशों को, किसी के लिए दीवार नहीं बनते।पूरी कविता पढ़ें

🌹 रोमांस
600
jab-wo-muskati-thi-poet
वो जब मुस्काती थी, मानो कमल की पंखुड़ी खिल जाती थी। जिसे देखकर हर किसी की बाँछें खिल जाती थीं, और उसकी महक फ़िज़ा में बिखर जाती थी।पूरी कविता पढ़ें
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