best-revenge-kavita-hindi
§ प्रेरणा / Motivational100 reads

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धोखा, छल देकर जो, तूने मुझसे जीत लिया, लोभ, लालच के खातिर, तूने ज़मीर अपना बेच दिया। मशवरा है ये मेरा, चेतावनी इसे समझ लेना, समय रहते संभल जाना, वरना हम विचलित हुए तो, श्मशान की शांति का सुख प्राप्त करा देंगे। मुझे पत्थर समझकर तूने ठुकराया था, वक़्त की मार ने मुझे हीरा बना दिया। अधिक की चाह नहीं, और अधिकार मैं छोड़ सकता नहीं। इस बार जो युद्ध हुआ, वो युद्ध रुक सकता नहीं। शांति का पैगाम लेकर गए थे, कायरता का नाम तूने दे दिया। रिश्तों के लोभ ने मुझे रिझा लिया, इसलिए जीतकर भी मैं सब कुछ हार गया।

— shayariprime.com

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