zindagi-ek-jung-kavita

zindagi-ek-jung-kavita

┌──┐└──┘
सही समय कभी आता नहीं, और ग़लत समय कोई होता नहीं। समय के साथ जो चल दिया, वो कभी हारता नहीं। ज़िंदगी एक जंग है, ज़िद्दी बनकर जीतना है। हौसला इतना बुलंद हो, कि बुलंदियाँ ख़ुद मिलने को बेक़रार रहे । हार-जीत के मेले में, हौसला नहीं हारना है। धैर्य रूपी गहने को, धारण करके रखना है। जब तक है ज़िंदगी, जंग से लड़ते रहना है। आराम उसी दिन करना है, जिस दिन हमेशा के लिए सोना है।⏳💪🏆🚀

— shayariprime.com

🔗 Share this Kavita:WhatsAppTwitter / XFacebook
∿ ∿ ∿

मिलती-जुलती कविताएँ