koi-bichhadkar-nikhar-gaya-sad-shayari
§ 💔 दर्द / Sad800 reads

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ख़्वाहिश से पहले आपको हर ख़ुशी मिले, हमको ख़ुशियों की ख़ुदकुशी मिली। ये अपना-अपना मुक़द्दर था, कोई बिछड़कर निखर गया तो कोई बिखर गया। वफ़ा-ए-मोहब्बत हम निभाते रह गए, बेवफ़ा अपने हुनर का रंग दिखा गए। हम एक की ही दिल्लगी से उबर नहीं पाए, वो सैकड़ों फूल मसलकर हाथों से ख़ुशबू फैला गए। हम सच्ची मोहब्बत करके भी पलाश का फूल बन गए, रंग तो बेशुमार थे हममें, मगर ख़ुशबू न बिखेर पाए।

— shayariprime.com

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